MSP Ret Update 2026: राजस्थान के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत सरसों और चना की फसल की सरकारी खरीद (MSP पर) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
सरकार द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार किसान 20 मार्च 2026 से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे, जबकि 1 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू की जाएगी।
MSP रेट और हेल्पलाइन सुविधा
सरकार ने इस वर्ष सरसों और चना के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय कर दिया है।
चना का MSP ₹5,875 प्रति क्विंटल और सरसों का MSP ₹6,200 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
किसानों की सुविधा के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-6001 भी जारी किया गया है, जहां खरीद से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा।
जयपुर में 42 खरीद केंद्र बनाए गए
जयपुर जिले में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुल 42 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
पंजीकृत किसानों को उनके मोबाइल पर मैसेज के जरिए तारीख दी जाएगी, उसी दिन उन्हें अपनी फसल संबंधित केंद्र पर लेकर पहुंचना होगा।
यह भी जरूरी है कि किसान तय तारीख से 10 दिनों के भीतर अपनी उपज की तुलाई करवा लें, ताकि समय पर भुगतान हो सके।
टोंक जिले में भी खरीद की तैयारी
राजस्थान के टोंक जिले में भी 1 अप्रैल 2026 से सरसों और चना की खरीद शुरू की जाएगी।
यहां कुल 30 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 10 क्रय-विक्रय सहकारी समितियां और 20 GSS केंद्र शामिल हैं।
बाजार में MSP से ज्यादा मिल रहा भाव
फिलहाल बाजार में सरसों की कीमत MSP से अधिक देखने को मिल रही है। मंडियों में नई सरसों लगभग ₹6140 से ₹6364 प्रति क्विंटल तक बिक रही है।
ऐसी स्थिति में कई किसान सरकारी खरीद की बजाय सीधे मंडी में फसल बेचने का फैसला कर सकते हैं, क्योंकि वहां उन्हें तुरंत और ज्यादा पैसा मिल रहा है।
किसान मंडियों की ओर बढ़ रहे
फसल कटाई शुरू होते ही किसान अब सरसों को घर ले जाने की बजाय सीधे मंडियों में बेचने के लिए ले जा रहे हैं।
इसका एक कारण यह भी है कि अभी फसल में नमी (गीलापन) है और किसान जल्दी बिक्री करना चाहते हैं।
जिले में खेती और फसल का आंकड़ा
जिले में खेती का कुल रकबा लगभग 7.17 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से करीब 5.25 लाख हेक्टेयर में खेती होती है।
रबी सीजन में करीब 4.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है।
फसलों का क्षेत्र इस प्रकार है –
- सरसों लगभग 2,70,000 हेक्टेयर में बोई गई है।
- चना करीब 72,622 हेक्टेयर में है।
- गेहूं लगभग 61,330 हेक्टेयर में बोया गया है।
- जौ करीब 4,272 हेक्टेयर क्षेत्र में है।
जिले में कुल लगभग 3.25 लाख किसान खेती से जुड़े हुए हैं।
किसान जुटे हैं कटाई में
इन दिनों किसान तेजी से फसल कटाई में लगे हुए हैं। सरकार को उम्मीद है कि अप्रैल के पहले सप्ताह से मंडियों में फसल की आवक बढ़ने लगेगी।
वहीं दूसरी ओर मौसम में बदलाव को लेकर किसानों में चिंता भी बनी हुई है, इसलिए वे जल्द से जल्द कटाई पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं।
निष्कर्ष
राजस्थान में सरसों और चना की MSP पर खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों को अब 20 मार्च से रजिस्ट्रेशन और 1 अप्रैल से खरीद का लाभ मिलेगा।
हालांकि बाजार में MSP से ज्यादा दाम मिलने के कारण किसानों के सामने विकल्प खुला है कि वे मंडी में बेचें या सरकारी खरीद में हिस्सा लें।
